सुना तो मैंने भी बहुत कुछ है, हर एक के बारे में,
मुँह छुपाने को धरती छोटी न पड़े, तो कह दूँ क्या?
तेरे शहर में चर्चे हैं मेरे किरदार के बहुत,
मैं भी तेरे हर राज़ का हिसाब रखता हूँ।
खामोश हूँ तो इसे मेरी कमजोरी मत समझना,
हर शख़्स की औक़ात का अंदाज़ा है मुझे।
इल्ज़ाम लगाने से पहले ज़रा आईना देख लेना,
वरना किस्से तुम्हारे भी कम मशहूर नहीं हैं।
तू अपने सच पर इतना गुरूर न कर ऐ दोस्त,
मेरे पास तेरे सच से पहले के भी किस्से हैं।
By Ajay Gautam
